Wednesday, 1 February 2012

Zindgi... यादों के झरोखों से झांकती जिंदगी... बीते लम्हों का मुंह तांकती ये जिंदगी.... बेचैन है हर पल एक ख्वाहिस लिए .... तेरी एक झलक पाने को जिंदगी .... यादों के झरोखों से झांकती जिंदगी... हाँ एक अपनापन सा था तुझसे.... तेरे आँचल में मिलती थी ख़ुशी मुझे..... अब तो तेरा अधूरा प्यार लिए..... मंजिल दर मंजिल भटकती ये जिंदगी..... यादों के झरोखों से झांकती जिंदगी ......

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